BRICS -ब्रिक्स कि स्थापना ओर ब्रिक्स देशो के उद्देश

Spread the love

ब्रिक्स देश – Brics countries

ब्रिक्स एक पाच देशो का समूह है, जिसका मतलब विश्व कि पांच प्रमुख उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं मे : ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और दक्षिण अफ्रीका को जोड़कर बनाया गया संक्षिप्त नाम है। ब्रिक्स का मुख्यालय चीन के शांघाई शहर मे है। उसे ब्रिक्स टॉवर मुख्यालय (पूर्व ओरिएंटल फाइनेंशियल सेंटर) शांघाई – BRICS Tower headquarters Shanghai भी कहा जाता है। ब्रिक्स सदस्य क्षेत्रीय मामलों पर अपने महत्वपूर्ण प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। 2009 के बाद से, ब्रिक्स राष्ट्रों ने औपचारिक शिखर सम्मेलन में सालाना बैठक करणा शुरू किया। ब्रिक्स पाँच प्रमुख उभरते देशों – ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा रचा गया समूह है, जो कुल मिलाकर 42% जनसंख्या, 23% GDP, 30% क्षेत्र और 18% वैश्विक व्यापारव का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ब्रिक्स कि स्थापना Establishment of BRICS

21 वीं सदी में दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ उभरती शक्तियों को इंगित करने के लिए 2001 में गोल्डमैन सैक्स के जिम ओ,नील के द्वारा संक्षिप्त ब्रिक BRIC को कहा गया था। 2006 में, BRIC देशों ( Brics countries) ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन के विदेश मंत्रियों ने सितंबर 2006 में संयुक्त राष्ट्र विधानसभा के जनरल डिबेट के मार्जिन पर न्यूयॉर्क शहर में मुलाकात की। 16 जून 2009 को रूस के येकातेरिनबर्ग में एक पूर्ण पैमाने पर राजनयिक बैठक आयोजित की गई थी। शिखर सम्मेलन का ध्यान वैश्विक आर्थिक स्थिति में सुधार और वित्तीय संस्थानों में सुधार पर था, और चर्चा की गई कि भविष्य में चार देश बेहतर सहयोग कैसे कर सकते हैं। उन तरीकों की और चर्चा हुई, जिनमें विकासशील देश, जैसे कि BRIC के 4/5 सदस्य, वैश्विक मामलों में अधिक से अधिक कैसे शामिल हो सकते हैं। इसके बाद अपना संवाद शुरू किया, जो 2009 से राज्य और सरकार के प्रमुखों की वार्षिक बैठकों में होता है। 2011 में, दक्षिण अफ्रीका समूह में शामिल होने के साथ, ब्रिक्स अफ्रीकी महाद्वीप के एक देश को शामिल करते हुए अपनी अंतिम रचना पर पहुंच गया।

ब्रिक्स देश का प्रशासनadministration of brics countries

2006 में अपनी बातचीत की शुरुआत के बाद से, इन देशों ने सबसे पहले इस संस्था के लिये अंतरराष्ट्रीय प्रशासन स्थापित करने की मांग की थी , जो कि उनके राष्ट्रीय हितों के लिए अधिक उपयुक्त हो। इस लक्ष्य को प्राप्त करणे के लिये उणोने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष कि तरह काम किया। उदाहरण के साथ देखा जाये तो – अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष कोटा प्रणाली के सुधार के तरह , जो पहली बार शामिल होने वाले शीर्ष दस सबसे बड़े शेयरधारकों कि तरह – BRICS में भी चीन, रूस, भारत, ब्राजील,और साउथ आफ्रिका शामिल हैं, उसी तरह BRICS मे भी काम किया गया।

ब्रिक्स कि नितीया Routine of Brics

पहले दशक के दौरान, ब्रिक्स ने विभिन्न क्षेत्रों, जैसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी, व्यापार संवर्धन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, नवाचार और क्षेत्रीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई में क्षेत्रीय सहयोग विकसित किया है। वर्तमान में, क्षेत्रीय सहयोग के विषय मे 30 से अधिक विषय शामिल किये गये है। इसके कारण इन पांच देशों की आबादी के लिए महत्वपूर्ण लाभ रहा है। इसके तहत अनुसंधान नेटवर्क का भी मामला है, जिसका उद्देश्य गुणवत्ता वाली दवाओं को पेश करना और सस्ती कीमतों के साथ लोगो का निदान करना है।

फोर्टालेजा शिखर सम्मेलन – Fortaleza Summit

2014 में, ब्राजील में हुये फोर्टालेजा शिखर सम्मेलन मे कूच महत्वपूर्ण संस्थान बनाए गए जिसमे : न्यू डेवलपमेंट बैंक ( NDB )  New Development Bank और आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था ( CRA ) Contingent Reserve Arrangement शामिल है। इन दोनों घटकों के लिये 2014 में संधि पर हस्ताक्षर किए गए और 2015 में सक्रिय हो गए। अब तक, NDB ने BRICS देशों में बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण परियोजनाओं में 8 बिलियन-डॉलर से अधिक की मंजूरी दी है। CRA – आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था परिचालन और भुगतान संतुलन में संकट से प्रभावित देशों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय स्थिरता प्रदान कर रहा है। COVID-19 महामारी के कारण रूस ने 17 नवंबर 2020 को हाल ही में 12 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।

न्यू डेवलपमेंट बैंक – New Development Bank

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB), जिसे औपचारिक रूप से ब्रिक्स विकास बैंक के रूप में जाना जाता है। ब्रिक्स देशो (Brics countries) द्वारा संचालित एक बहुपक्षीय विकास बैंक है। ऋण देने का बैंक का प्राथमिक ध्यान बुनियादी ढांचा परियोजनाएं होगा, जिसमें सालाना 34 बिलियन डॉलर तक का अधिकृत ऋण दिया जाएगा। दक्षिण अफ्रीका बैंक का अफ्रीकी मुख्यालय होगा जिसे “न्यू डेवलपमेंट बैंक अफ्रीका रीजनल सेंटर” नाम दिया गया है। बैंक के पास ५० अरब डॉलर की पूंजी होगी, जिसके साथ समय के साथ १०० अरब डॉलर तक की संपत्ति बढ़ जाएगी। ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शुरू में कुल $ 50 बिलियन डॉलर बढाने के लिएहर एक देश $ 10 बिलियन का योगदान देंगे। इसमें अब तक लगभग 15 बिलियन डॉलर की लागत वाली 53 परियोजनाएँ को कारान्वित किया गया हैं।

आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था – BRICS CRA

ब्रिक्स आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था (सीआरए) वैश्विक तरलता दबाव के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा है। इसमें मुद्रा के मुद्दे शामिल हैं जहां सदस्यों की राष्ट्रीय मुद्राएं वैश्विक वित्तीय दबावों से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही हैं। यह पाया गया है कि तेजी से आर्थिक उदारीकरण का अनुभव करने वाली उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं बढ़ी हुई आर्थिक अस्थिरता के माध्यम से खतम होती गईं, जिससे अनिश्चित आर्थिक माहौल बन गया। आमतौर पर BRICS CRA को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के एक प्रतियोगी के रूप में देखा जाता है। इसकी स्थापना 2015 में ब्रिक्स देशों द्वारा की गई थी। 15 जुलाई, 2014 को फ़ोर्टालेज़ा, ब्राज़ील में हस्ताक्षरित ब्रिक्स आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था की स्थापना के लिए संधि द्वारा कानूनी आधार पर गठन किया गया है। 4 सितंबर 2015 को आयोजित BRICS CRA गवर्निंग काउंसिल और स्थायी समिति की अपनी उद्घाटन बैठकों के साथ अंकारा, तुर्की में यह सभी ब्रिक्स देशो द्वारा अनुसमर्थन पर लागू हुआ।

शिखर सम्मेलन -Summits

प्रत्येक शिखर सम्मेलन में समूह घटक देशों के राष्ट्राध्यक्षों में से एक को ब्रिक्स के राष्ट्रपति रोटेटिंग कार्यकाल के माध्यम के रूप में कार्य करता है। 2020 में,व्लादिमीर पुतिन रशिया के राष्ट्रपति द्वारा प्रो टेम्पोरोर प्रेसीडेंसी का आयोजन किया गया था। समूह ने 2009 के बाद से वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया है, जिसमें सदस्य देश मेजबानी करते हैं। दक्षिण अफ्रीका के प्रवेश से पहले, दो ब्रिक शिखर सम्मेलन 2009 और 2010 में आयोजित किए गए थे। पहला पांच सदस्यीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2011 में आयोजित किया गया था। सबसे हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 17 नोव्हेंबर 2020 video conferencing द्वारा सेंट पीटर्सबर् में हुआ था

अनु. न तिथी मेजबान देश मेजबान नेतास्थान
1)16 जून 2009रशिया दिमित्री मेदवेदेव
येकातेरिनबर्ग
2)15 एप्रिल 2010ब्राझील लुइज़ इनसिओ लूला दा सिल्वाब्रासीलिया
3)14 एप्रिल 2011चीन हू जिंताओसान्या
4)29 मार्च 2012भारत मनमोहन सिंहनई दिल्ली
5)26–27 मार्च 2013दक्षिण अफ्रीकाजैकब जुमाडरबन
6)14–17 जुलै 2014ब्राझील दिलमा रूसेफ़फ़ोर्टालेज़ा
7)8–9 जुलै 2015रशिया व्लादिमीर पुतिनऊफ़ा
8)15–16 ऑक्टोबर 2016भारत नरेंद्र मोदीगोवा
9)3–5 सप्टेंबर 2017 चीन झी जिनपिंगज़ियामेन
10)25–27 जुलै 2018दक्षिण अफ्रीकासिरिल रामाफोसाजोहानसबर्ग
11)13–14 नोव्हेंबर 2019ब्राझील जायर बोल्सनारोब्रासीलिया
12)17 नोव्हेंबर 2020 video conferenceरशिया व्लादिमीर पुतिनसेंट पीटर्सबर्ग
13)2021भारत नरेंद्र मोदीप्रायोजित
Brics countries -अब तक हुये ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

2 thoughts on “BRICS -ब्रिक्स कि स्थापना ओर ब्रिक्स देशो के उद्देश”

Comments are closed.