श्रीलंका देश की राजधानी क्या है? | Sri Lanka desh ki rajdhani kya hai

नमस्कार दोस्तो, आज हम श्रीलंका कि राजधानी ओर श्रीलंका देश कि जानकारी के बारे मे विवेचन करणे जा रहे है। तो आईये श्रीलंका ओर श्रीलंका की राजधानी के बारे मे कूच महत्त्वपूर्ण जानकारी हासील करते है।

देश का नाम श्रीलंका, पूर्व मे सिलोन.
राजधानी आर्थिक – कोलंबो.
प्रशासकीय – श्री जयवर्धनपुरा कोट्टे.
क्षेत्रफल६५,६१० km².
श्रीलंका कि भाषा अंग्रेजी, तमिल और सिंहली.
मुद्राश्रीलंकन रुपया.
धर्मसिंहली, हिदू, मुस्लीम, क्रिचन.
राष्ट्रीय खेलवॉलीबॉल श्रीलंका का राष्ट्रीय खेल है.

श्रीलंका देश कि स्थिती:

श्रीलंका, हिंद महासागर में एक द्वीप राष्ट्र है, यह पश्चिम में लक्षद्वीप सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी के बीच स्थित है। यह द्वीप भारत के दक्षिणी तट से लगभग 30 किमी (१९ मील) दक्षिण पूर्व में स्थित है। श्रीलंका में एक मुख्य द्वीप और कई छोटे द्वीप हैं। १९७२ तक देश को सीलोन के नाम से जाना जाता था।

द्वीप देश की तुलना में ६५,६१० वर्ग किमी के क्षेत्र को कवर करते हैं, डेनमार्क के आकार का लगभग १.५ गुना या यू.एस. राज्य वेस्ट वर्जीनिया से थोड़ा बड़ा यह देश है।

श्रीलंका की जनसंख्या २.२५ करोड है (२०२२ में), राजधानी श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे है, जो श्रीलंका के सबसे बड़े शहर कोलंबो का एक उपनगरिय शहर है। बोली जाने वाली भाषाएँ सिंहली (आधिकारिक और राष्ट्रीय भाषा) ७४%, तमिल (एक राष्ट्रीय भाषा) 18%, अन्य ८% हैं, लगभग १०% आबादी दूसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी बोलती है।

श्रीलंका की राजधानिया:

श्रीलंका की दो राजधानियाँ देश के दो सबसे बड़े शहरी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनकी कुल जनसंख्या ८ लाख से अधिक है। जबकि कोलंबो श्रीलंका और अधिक दक्षिण एशिया में एक आर्थिक व्यापार का केंद्र है, श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे सरकार के विभिन कार्यालयो को कोलंबो कि इस भीड़ से राहत देने मे मदत करता है। सरकार ने श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे श्री लंका कि प्रशासनिक राजधानी तोर पर मान्यता दी है। कोलंबो एक आर्थिक केंद्र है। आशिया मे श्रीलंका के अलावा दक्षिण कोरिया मे भी दो राजधानी शहर है।

जयवर्धनेपुरा कोट्टे:

जयवर्धनेपुरा कोट्टे देश की आधिकारिक राजधानी है। यह शहर १४ वीं शताब्दी में स्थापित किया गया था।,जयवर्धनेपुरा १६वीं शताब्दी मे सिंहली साम्राज्य की आधिकारिक राजधानी के रूप में कार्य करता था। शहर पर तब पुर्तगालियों का कब्जा था, जिन्होंने शहर की किलेबंदी की थी। बाद में पड़ोसी सीतावाका साम्राज्य के लगातार हमलों के कारण कोलंबो मे राजधानी को बसाया। सरकार द्वारा १९७७ में शहर को नई राजधानी के रूप में नामित किया गया। इसी शहर मे १९८२ में नई संसद का उद्घाटन किया गया। जिसके साथ यहासे अन्य मंत्रालयों ने कामकाज करना शुरू किया था। अब के समय जयवर्धनेपुरा श्रीलंका की प्रशासनिक राजधानी है। जहासे अधिक से अधिक सरकारी संस्थानों का काम चलता हा, जो कोलंबो शहर से स्थानांतरित किये गये है। साथ हि साथ यह शहर विश्वविद्यालय का भी केंद्र है, जो देश के उच्च संस्थानों के लिये जाना जाता।

कोलंबो:

दोस्तो, कोलंबो शहर देश के दक्षिण-पश्चिम भाग मे बसा हुवा शहर है, जो कि एक बंदरगाह के लिये जाणा जाता है। यह शहर अपने बंदरगाह के कारण देश मे अपना प्रमुख महत्व रखता है। यह बंदरगाह दुनिया के सबसे बड़े मानव निर्मित बंदरगाहों में से एक है। जो यात्री और मालवाहक जहाजों के लिए विश्व का मुख्य बंदरगाह है। कोलंबो के समृद्ध के तट पर डच और ब्रिटिश औपनिवेशिक शैली की इमारते अपने इतिहास को संजोगे हुये देखा जा सकता है। यह शहर इतिहास मे अरब, चीनी और पुर्तगाल से लेकर डच तक व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण बंदरगाह रहा है। यह शहर १८०२ में ब्रिटिश कॉलोनी की राजधानी था। बाद मे १९४८ मे श्रीलंका आजादी मिलने के बाद स्वतंत्र श्रीलंका की राजधानी बन गया।

कोलंबो देश के मुख्य आर्थिक केंद्र के रूप में, रत्न, रासायनिक निर्माण, कपड़ा उद्योग, सीमेंट, कांच उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योगों का केंद बना। कोलंबो देश के जादातर विदेशी व्यापार का केंद्र है, और सरकारी निगमों, विश्व व्यापार केंद्र और कई बहुराष्ट्रीय मुख्यालयों का केंद्र भी यह विकाशित हुवा है। कोलंबो मे महत्वपूर्ण सरकारी मंत्रालय और संस्थान भी स्थित हैं, जैसे कि सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका, राष्ट्रपति भवन, वित्त विभाग, विदेश मंत्रालय, न्याय और रक्षा मंत्रालय, वायु सेना मुख्यालय, प्रधान मंत्री कार्यालय और नौसेना मुख्यालय यही है। कोलंबो व्यापार और वाणिज्यिक वर्चस्व को देखते हुए श्रीलंका का सबसे महत्वपूर्ण शहर माना जाता है।

श्रीलंका कि महत्वपूर्ण जानकारी:

श्रीलंका का इतिहास:

श्रीलंका प्रागैतिहासिक काल से बसा हुआ माना जाता है। वहां पाए जाने वाले सबसे पुराने मानव अवशेष लगभग १२५ ,000 साल पहले के होणे का अनुमान हैं। यूरोपीयन यहा मध्ययुग के दौरान आये थे, जबकी तमिल लोग को भारत के दक्षिण से श्रीलंका का आये थे। जहां तमिळ लोगोने ११ वीं शताब्दी में राज्य की स्थापना की। यह संभावना को भी तुल दिया जाता है कि श्रीलंका में सबसे बड़ा जातीय समूह सिंगलीज़ के पूर्वज भी तमिळ वंश से आते थे। यह लोग उत्तर भारत से ५वीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास श्रीलंका आए थे। वे तमिल के साथ रहते थे लेकीन दोनों समूहों के बीच संबंध जटिल थे जीससे वे हमेशा शांतिपूर्ण नहीं रहे।

माना जाता है कि श्रीलंका में आने वाले पहले यूरोपीय १५०५ में पुर्तगाली से आये थे। १६०२ में डच भी श्रीलंका मे कॉलोनी बनाई थी। १६३८ में, कैंडी के राजा ने डच से मदद मांगी क्युकी वो पुर्तगालियों के खिलाफ डचों का समर्थन चाहता था। डच लोगो ने एक विशेष व्यापार अनुबंध के बदले में यह सहायता केंडी के राजा को प्रदान की थी।

डच का प्रभाव तेजी से फैल गया और १६५८ तक संपूर्ण श्रीलंका डच शासन के अधीन हो गया था। हालाँकि, दोनों पक्षों द्वारा सहमत सौदों का सम्मान नहीं किया गया था। देश में बड़ी मात्रा में आधुनिकीकरण हुआ, जैसे माल के परिवहन के लिए नहरों का निर्माण, लेकिन यह आंशिक रूप से दमन के माध्यम से किया गया था। डच ने वहा कि आबादी के बौद्ध, हिंदू और मुस्लिम हिस्सों को परेशान नहीं किया लेकिन कैथोलिक और शेष पुर्तगाली उपनिवेशवादियों को सताया गया। इसके अतिरिक्त, जनसंख्या को पुराने पुर्तगाली शासकों की तुलना में डच उपनिवेशवादियों को उच्च करों का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया था।

बाद मे १७९६ में अंग्रेजों ने श्रीलंका पर आक्रमण किया और १८०२ तक श्रीलंका एक ब्रिटिश उपनिवेश बन गया। जिसे सीलोन के नाम से जाना जाता था। आखिर ४ फरवरी १९४८ को सीलोन नाम से श्रीलंका स्वतंत्र हुआ। १९७२ में इसके नाम को बदलकर श्रीलंका कर दिया गया। स्वतंत्रता के बाद १९८३ से २००९ तक श्रीलंका में तमिलों और सिंहली लोगों के बीच एक हिंसक गृहयुद्ध हुआ। जिसमें दस हज़ार से जादा लोगों की मौत हुई। १९८३ और २००९ के बीच तमिल लोगो को खदेड़ने के लक्ष्य के साथ गृहयुद्ध छिड़ गया था। २००९ में प्रभाकरन के मारे जाने के बाद देश ने आर्थिक विकास पर ध्यान देना शुरू किया।

श्रीलंका मे पर्यटन:

श्रीलंका देश हिंद महासागर में एक द्वीप है। यह भारत के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह देश अपने विशाल मैदानों और प्रभावशाली पर्वत चोटियों, चाय के बागानों और सुंदर मंदिरों के लिए जाना जाता है। इस देश को पहले सीलोन के नाम से जाना जाता था। जो एक ऐसा नाम है, जो अभी भी श्रीलंका से आने वाली चाय के लिए उपयोग किया जाता है। यह देश अपेक्षाकृत समृद्ध से पुरा घेरा हुवा है। इस देश कि आबादी का पांचवां हिस्सा अब भी गरीबी रेखा से नीचे रहता है। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से चाय, कॉफी, कपड़े, रबर और नारियल के निर्यात पर अवलंबित है। हाल के वर्षों में यहा पर्यटन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। अधिक से अधिक पर्यटक द्वीप की सुंदरता की खोज के लिये यहा आते हैं। यहा पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं भी दी जाती है। लेकीन कोविड १९ – के बाद श्रीलंका कि हालात काफी खराब चल रहे है। जो कि श्रीलंका कि इकॉनॉमी के बहुत हि बुरा है।

श्रीलंका जाने के लिये बेहतरीन समय:

श्रीलंका की जलवायु को दो क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है; पश्चिम और पूर्व। जो यात्री देश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों की यात्रा करना चाहते हैं, वे दोनों हिस्सों के बेहतरीन यात्रा समय को आसानी से जोड़ सकते हैं। पूरे श्रीलंका की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय फरवरी से मार्च का है। श्रीलंका के लिए सबसे अच्छा यात्रा समय निर्धारित करने के लिए, बारिश के मौसम से बचना मुख्य है। देश के पश्चिमी भाग में वर्ष में दो बार वर्षा होती हैं, जो अप्रैल से जून और सितंबर से दिसंबर तक का समय है। बीच में यह थोड़ा अधिक शुष्क होता है, लेकिन जनवरी, फरवरी और मार्च में अधिक बारिश होती है। इसलिए श्रीलंका के पश्चिम के लिए सबसे बेहतरीन यात्रा समय जनवरी से मार्च है।

श्रीलंकाई मुद्रा-रुपया:

श्रीलंका देश मे अपनी स्थानीय मुद्रा रुपये का उपयोग करता है। इस मुद्रा के मूल्य में कुछ उतार-चढ़ाव होता है। पिछले वर्षों से यह मुद्रा काफी गिर गयी है, जीससे वहा पर महंगाई काफी बढ गयी है। इसलिए आप जब भी प्रस्थान से पहले यह जांचना बुद्धिमानी है कि रुपये की वर्तमान विनिमय दर क्या है, ताकि रास्ते में होने वाली लागतों का उचित मूल्यांकन किया जा सके।

श्रीलंका ओर भारत का अंतर:

श्रीलंका के पास भारत के सबसे दक्षिणी हिस्सा रामेश्वरम है। जहां से श्रीलंका की दूरी २७१ किलोमीटर है। श्रीलंका और भारत की दूरी २७१ किलोमीटर है।

श्रीलंका का राष्ट्रीय खेल:

श्रीलंका का राष्ट्रीय खेल है वॉलीबॉल, लेकीन श्रीलंका मे क्रिकेट खेल सबसे जादा खेला जाता है। साथ हि कबड्डी खो-खो, जुडो, फुटबॉल, हॉकी जैसे कई खेल खेले जाते है।

श्रीलंका में सुरक्षा व्यवस्था:

श्रीलंका पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित देश है। जो सुरक्षा के लिये अच्छी तरह से तैयार है। देश में अच्छी स्वच्छता और उचित स्वास्थ्य सेवा है। लेकीन आप जानेसे पहले यात्रा सलाह को बारीकी से पढ़ना उचित हो सकता है।

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