ऑस्ट्रेलिया देश की जानकारी | ऑस्ट्रेलिया देश की राजधानी | Australia ki rajdhani

नमस्कार दोस्तों, आज हम इस लेख मे ऑस्ट्रेलिया देश कि जानकारी, ऑस्ट्रेलिया कि राजधानी क्या है, ऑस्ट्रेलिया देश का इतिहास इसके साथ ऑस्ट्रेलिया देश के बारे मे रोचक तथ्य समजणे कि कोशिस करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया देश की जानकारी:

ऑस्ट्रेलिया का नाम जुबान पर आते ही, हमारे मस्तिष्क में कंगारू का चित्र नजर आता है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया को कंगारुओं का देश भी कहा जाता है। चारों ओर अनंत सागर की लहरों से घिरा हुआ तथा मर्रे – डार्लिंग नदियों कि कल-कल की आवाज और घने जंगलों से लदा हुआ यह देश अपनी प्राकृतिक सुंदरता एवं समृद्धता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है।

ऑस्ट्रेलिया कि राजधानी :

ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कॅनबेरा ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रमंडल की संघीय राजधानी है। यह दक्षिणपूर्वी ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है। जो सिडनी से लगभग १५० मील (२४० किमी) दक्षिण-पश्चिम में है। कॅनबेरा मोलोंग्लो नदी के किनारे स्थित है, जो मुरुंबिजी नदी की एक सहायक नदी है।

कॅनबेरा या कैनबरी एक आदिवासी शब्द की व्युत्पत्ति जिसका अर्थ है “बैठक की जगह” १८३६ तक यह नाम कॅनबेरा में विकसित हो गया था। १९०२ में राष्ट्रमंडल के उद्घाटन के बाद १९०९ में नई राजधानी के लिए चुना गया था। एक नई राजधानी के लिए एक डिजाइन खोजने के लिए १९११ में एक विश्वव्यापी प्रतियोगिता शुरू की गई थी। यह योजना अमेरिकी वास्तुकार वाल्टर बर्ली ग्रिफिन द्वारा प्रस्तुत की गई थी। राजधानी का निर्माण १९१३ में शुरू हुआ लेकिन प्रथम विश्व युद्ध के कारण ये बाधित हो गया। इसके बाद ९ मई १९२७ के समारोहों ने मेलबर्न से नई राजधानी कॅनबेरा स्थानांतरण कि गई।

कॅनबेरा ऑस्ट्रेलियाई आल्प्स पर्वत के ६२०० फुट की तलहटी में एक मैदान पर स्थित है। जो गर्म ग्रीष्मकाल और ठंडी सर्दियों के लिये जाना जातात है। आसपास के उच्चभूमि की तुलना में यहा काफी कम वर्षा होती है। लगातार शहर का विस्तार हो रहा है, और इसकी आबादी लगातार बढ़ रही है। केवल इस शहर के केंद्र और आंतरिक उपनगरों ने मूल योजनाओं के अनुरूप विकास जारी रखा है। आवासीय विकास मुख्य रूप से वेस्टन क्रीक, बेल्कोनन, और टुगेरानोंग सहित उपनगरीय शहरों में हुआ है। उस वृद्धि के लिए योजना राष्ट्रीय राजधानी विकास आयोग द्वारा नियंत्रित कि गई थी।

कॅनबेरा शहर की विशेषताएं:

कॅनबेरा मे हल्के उद्योग और बढ़ते पर्यटक व्यापार के मुख्य रूप हैं। शहर की उल्लेखनीय विशेषताएं माउंट स्ट्रोमलो वेधशाला १९२४ में स्थापित कि गई है, ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय पुस्तकालय १९६८, ऑस्ट्रेलिया के उच्च न्यायालय १९८१, ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय गैलरी १९८२, सेंट जॉन द बैपटिस्ट चर्च १८४५ हैं। साथ हि ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, संसद भवन। पुराना संसद भवन, जहां १९२७ और १९८८ के बीच राष्ट्रीय विधायिका की बैठक हुई, अब ऑस्ट्रेलियाई लोकतंत्र का संग्रहालय है। कॅनबेरा ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय विश्वविद्यालय और तकनीकी और आगे की शिक्षा का केंद्र है। कॅनबेरा शहर राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल अकादमी का मुख्यालय भी है।

कॅनबेरा मे २००३ की शुरुआत में जंगल की आग ने कैनबरा और उसके उपनगरों को व्यापक नुकसान पहुंचाया था। जहां करीब ५०० से ६०० घर नष्ट हो गए और कई लोग मारे गए। आग ने माउंट स्ट्रोमलो वेधशाला को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था। जिसे बाद में केवल आंशिक रूप से बहाल किया गया था।

ऑस्ट्रेलिया के बारे में सामान्य जानकारी:

ऑस्ट्रेलिया की भौगोलिक स्थिति:

ऑस्ट्रेलिया दक्षिण गोलार्ध में स्थित एक देश और महाद्वीप भी है। इसका विस्तार २८.१५ ′ दक्षिणी अक्षांश से ५४.३०′ दक्षिणी अक्षांश तक है। जबकि देशांतरीय विस्तार ११२.९ ′ से १०९ .१२′ पूर्वी देशांतर तक है। 

ऑस्ट्रेलिया में जल वायु एवं कृषि:

यूं तो ऑस्ट्रेलिया को “प्यासी भूमि का देश” कहा जाता है । क्योंकि इसके एक बड़े भूभाग में वर्षा की न्यूनता रहती है। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भी ऑस्ट्रेलिया भारत की तरह ही एक कृषि प्रधान देश है। गेहूं यहां पर मुख्य फसल के रूप में जाना जाता है ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग में जिसमें मुख्यतः डाउंस के मैदान, दक्षिण की ओर मरे-डार्लिंग की घाटी आस्ट्रेलिया का सबसे प्रमुख कृषि क्षेत्र है। यह उपजाऊ भूमि ‘रेवेरिना’ कहलाती है। ऑस्ट्रेलिया गेहूं का एक निर्यातक देश भी है। तथा ऑस्ट्रेलिया के बड़े भूभाग में बरसात नहीं होने के कारण अधिकांश क्षेत्र सिंचित कृषि पर निर्भर है तथा ऑस्ट्रेलिया के केवल ४% भूभाग पर ही कृषि की जाती हैं। गेहूं के अतिरिक्त चावल, मकई, कनेला आदि मुख्य खाद्यान्न फसल है।

ऑस्ट्रेलिया मैं जलवायु में काफी भिन्नता दिखाई पड़ती है। जिसका मुख्य कारण ऑस्ट्रेलिया का दक्षिणी गोलार्ध में स्थित होना है। ऑस्ट्रेलिया में केवल बरसात सर्दी के मौसम में होती है, तथा इस परिवर्तनशील जलवायु के कारण ही यहां की वनस्पति में विभिन्नता स्पष्ट दिखाई पड़ती है। विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार की वनस्पतियां, कुछ स्थानों पर घास के मैदान, उदाहरण के लिए डाउंस के मैदान तथा युकलिपटिस जैसे विशाल वृक्ष भी दिखाई देते हैं।

धर्म एवं संस्कृति:

ऑस्ट्रेलिया में मुख्य रूप से ईसाई धर्म के लोग निवास करते हैं। जिनकी जनसंख्या ऑस्ट्रेलिया की कुल जनसंख्या के लगभग ९०% के आस पास है। दूसरा सबसे बड़ा धर्म बौद्ध है। तथा उसके बाद हिंदू धर्म का स्थान आता है। ईसाई धर्म की प्रधानता एवं प्रमुखता होने के कारण यहां  की संस्कृति यूरोपीय संस्कृति से काफी हद तक मिली जुली दिखाई पड़ती है। यहां के मूल निवासी “एबोरिजिनल” कहलाते हैं। ऑस्ट्रेलिया पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है। यहां पर लगभग १०% लोग विश्व के अन्य देशों से आकर यहां निवास किया है। बाकी 90% जनसंख्या यहां के मूल निवासियों की है। 

खनिजों की प्रधानता:

ऑस्ट्रेलिया का कुछ भाग पठारी भाग है जैसे पश्चिमी पठार के नाम से जाना जाता है।  पठारी भूमि होने के कारण यह क्षेत्र अपने भूगर्भ में अनेक खनिज पदार्थों को समेटे हुए हैं।  जिनमें मुख्य रुप से बॉक्साइट यूरेनियम सोना इत्यादि हैं।  ऑस्ट्रेलिया बॉक्साइट कथा यूरेनियम का विश्व में सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राष्ट्र है कालगूर्ली और कूलगार्डी सोने की प्रमुख खदानें हैं।  बॉक्साइट, यूरेनियम, सोने के अतिरिक्त लौह अयस्क टिन का उत्पादन भी ऑस्ट्रेलिया में प्रचुर मात्रा में होता है।

बुश फायर:

ऑस्ट्रेलिया में कभी-कभी तापमान इतना बढ़ जाता है कि जिसके कारण जंगलों में आग लग जाती है। ऑस्ट्रेलिया में जंगलों में आग लगना एक आम बात बन कर सामने आती रहती है। वर्ष २०२० में ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में भीषण आग देखने को मिली, जिसके परिणाम स्वरूप हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जंगल जलकर खाक हो गए, एवं उस क्षेत्र में रहने वाले जंगली जीव जंतु भी उस आग की चपेट में आ गए। साथ ही इस आग से काफी जनधन की हानि हुई और पर्यावरण के प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया। जंगल की आग को ऑस्ट्रेलिया में “बुश फायर” के नाम से जाना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख पर्यटक स्थल:

देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।  ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे अनेक पर्यटन स्थल हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।  यदि आपको कभी ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका मिले तो निम्नलिखित पर्यटन स्थलों को देखना ना भूलें। ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा शहर सिडनी पर्यटकों को सर्वाधिक पसंद आने वाला शहर है। सिडनी का ओपेरा हाउस, हार्वर ब्रिज जो कि विश्व का सबसे बड़ा स्टील आर्जर ब्रिज है।  बोटैनिक गार्डन जिसकी सुंदरता तथा शांतिपूर्ण वातावरण पर्यटकों के अंतर्मन को प्रसन्न चित्त करती है।  इन सबके अतिरिक्त बोंडी बीच एक ऐसा पर्यटक स्थल है जहां प्रत्येक व्यक्ति जाने का इच्छुक होगा । इन सबके अतिरिक्त कैनबरा, पर्थ आदि प्रमुख शहर ऑस्ट्रेलिया की सुंदरता को चार चांद लगाते हैं। दुनिया के किसी भी कोने से ऑस्ट्रेलिया बहुत दूर ही पड़ता है, इस कारण बहुत से यात्री केवल हवाई मार्ग से यहाँ आना पसंद करते हैं। उन यात्रियों में से लगभग आधे यात्री पहली बार ऑस्ट्रेलिया आते समय सिडनी के किंग्सफोर्ड स्मिथ हवाई अड्डे में उतरते हैं, और यात्रियों की कुछ टुकड़ी मेल्बर्न, ब्रिस्बेन और पर्थ में उतरते हैं।

ऑस्ट्रेलिया मे शिक्षा के प्रमुख केंद्र:

शिक्षा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया अपना उच्च स्थान रखता है।  प्रत्येक वर्ष भारत से भी अनेक छात्र यहां पर चिकित्सा एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु आते हैं। शिक्षा के प्रमुख केंद्र यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी, ऑस्ट्रेलिया नेशनल यूनिवर्सिटी प्रमुख शैक्षिक संस्थान है। जोकि विश्व के पटल पर हमेशा से ही स्वयं को श्रेष्ठतम साबित करते आए हैं। 

खेल जगत में अग्रिणी:

ऑस्ट्रेलिया खेलों के क्षेत्र में भी अग्रणी रहा है। ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय खेल क्रिकेट है। क्रिकेट के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में हॉकी, रग्बी, तैराकी, तीरंदाजी, फुटबॉल आदि प्रमुख खेल भी खेले जाते हैं। क्रिकेट विश्व कप मैं पांच बार विश्व विजेता का खिताब तथा ओलंपिक एवं राष्ट्रमंडल खेलों में अग्रणी रहा है। जो कि ऑस्ट्रेलिया के खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। ऑस्ट्रेलिया पांच बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर चुका है। विश्व का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में ही स्थित है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का सर्वाधिक लोकप्रिय खेल है। ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट से संबंधित अनेक संस्था कार्यरत हैं। जिनमें से मेलबर्न क्रिकेट क्लब विश्व स्तर पर अपनी एक अलग पहचान रखता है। भले ही क्रिकेट को जन्म इंग्लैंड ने दिया हो, किंतु क्रिकेट को लोकप्रियता दिलाने का श्रेय ऑस्ट्रेलिया को ही जाता है। विश्व के प्रमुख महान खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया के बहुत सारे खिलाड़ियों के नाम सम्मिलित होते हैं। जिनमें ऐलन बॉर्डर , स्टीव वां, शेन वार्न  ग्लेन मैकग्रा,  रिकी पोंटिंग,  माइकल क्लार्क, मिशेल स्टार्क, मिशेल जॉनसन व माइक हंसी इत्यादि प्रमुख हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को  विश्व के पटल पर बड़ी मजबूती से  पेश किया।

ऑस्ट्रेलियन ओपन:

ऑस्ट्रेलिया में एक टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन होता है जिसका नाम “ऑस्ट्रेलियन ओपन” है यह टेनिस से संबंधित प्रतियोगिता है इस टूर्नामेंट को “ग्रैंड स्लैम” की श्रेणी में रखा गया है। रोजर फेडरर तथा राफेल नडाल जैसे विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ियों ने इस खिताब को अपने नाम किया है।

उपरोक्त बिंदुओं से हमें ऑस्ट्रेलिया के बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त होती है। जिसमें ऑस्ट्रेलिया की भौगोलिक स्थिति जलवायु, कृषि, खनिज संसाधन, शिक्षा, धर्म एवं संस्कृति, प्रमुख पर्यटन स्थल,ओर खेल इत्यादि सम्मिलित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

१) ऑस्ट्रेलिया की खोज किसने की?

जेम्स कुक के द्वारा सन १७७० ई. में की गई, तथा तत्कालीन समय में इस क्षेत्र को न्यू साउथ वेल्स नाम दिया गया।

२)ऑस्ट्रेलिया में कितने देश हैं?

ऑस्ट्रेलिया विश्व का क्षेत्रफल एवं जनसंख्या की दृष्टि से सबसे छोटा महाद्वीप भी है। जिसमें ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड दोनों देश सम्मिलित हैं।

३) ऑस्ट्रेलिया की राजधानी का नाम क्या है?

ऑस्ट्रेलिया की राजधानी का नाम कॅनबेरा है।

४) ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या २०२२ मे कितींनी है?

सन २०२२ के अनुसार ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या २४,८५३,६९० है।

५) ऑस्ट्रेलिया की मुद्रा क्या है?

ऑस्ट्रेलिया की मुद्रा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है।

६) ऑस्ट्रेलिया के झंडे का रंग कोनसा है?

ऑस्ट्रेलिया का झंडा गहरे नीले रंग का है। ऊपर कोने में पूर्व औपनिवेशिक ताकत ब्रिटेन का यूनियन जैक का चिन्ह् है, और छह सफेद तारे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कुछ रोचक तथ्य:

1) ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में गंदे गाने गाने पर 6 माह तक की सजा का प्रावधान है।

2) ऑस्ट्रेलिया में 10000 से भी अधिक बीच हैं जो कि विश्व के किसी भी देश में नहीं है।

3) ऑस्ट्रेलिया की लगभग 75 से 80% जनसंख्या समुद्र के तटीय क्षेत्रों  पर निवास करती है।

4) ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसी झील है जिसके पानी का रंग गुलाबी है उस झील का नाम “लेक हिलर” है।

5) विश्व का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स भी आस्ट्रेलिया में ही है।

मैं आशा करता हूं कि यह जानकारी आपको निश्चित तौर पर अच्छी लगी होगी तथा यह भविष्य में आपके लिए सहायक भी सिद्ध होगी। आप अपने विचार कमेंट के माध्यम से दे सकते है।

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